संकल्प से सिद्धि - मधेपुरा

विकास के संकल्प :-

 

(1) नशामुक्त मधेपुरा

 

(2) हर घर बिजली :- मधेपुरा जिला में जुलाई, 2015 तक कुल कनेक्शन 84 हजार 515 था| इसके बाद जुलाई, 2017 तक कुल कनेक्शन 2 लाख 30 हजार परिवार को विद्युत कनेक्शन दिया गया तथा 31-03-2018 तक 3 लाख 40 हजार परिवार को कनेक्शन दिया जाएगा |

 

(3) हर खेत बिजली :- कुल 432 किलोमीटर 24 कृषि ग्रीड का निर्माण, जिसमे प्रति यूनिट दर मात्र 96 पैसा है| इसे मार्च 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है|

 

(4) हर घर शौचालय :- कुल 3 लाख 40 हजार परिवार में से मार्च 2016 तक 79204 को शौचालय था | अभी तक कुल 22073 शौचालय बनाया गया है | इस साल का लक्ष्य 1 लाख 35 हजार घर में शौचालय कार्य पूर्ण करने का है | 02 अक्टूबर 2017 तक नगर परिषद् मधेपुरा एवं नगर पंचायत मुरलीगंज में इस कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा | 31 मार्च 2019 तक पूरे जिले को ओ० डी० एफ० करने का संकल्प है |

 

(5) हर परिवार को पक्का घर :- 2011 के सर्वे के अनुसार हर बी० पी० एल० परिवार को पक्का घर 1,72,861 का लक्ष्य था, जिसमे से अबतक 85056 बी० पी० एल० धारी को मकान की स्वीकृती दी गयी है | इस वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत 16021 का लक्ष्य निर्धारित है | मार्च 2022 तक प्रत्येक बी०पी०एल० परिवार को पक्का घर प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत उपलब्ध कराने का संकल्प है |

 

(6) हर घर नल का जल :- कुल 3 लाख 40 हजार परिवार में से इस वर्ष अबतक 3 हजार परिवार को नल का जल उपलब्ध कराया गया | नगर परिषद्, मधेपुरा के 26 वार्ड एवं नगर पंचायत, मुरलीगंज के 15 वार्ड में कार्य चल रहा है | इसमें से नगर परिषद् के 13 वार्ड को 15 सितम्बर 2017 तक नल का जल उपलब्ध करा दिया जाएगा तथा शेष को 31 दिसम्बर 2017 तक उपलब्ध कराया जाएगा | ग्रामीण क्षेत्र में 26 हजार 2 सौ घरो को नल का जल उपलब्ध करा दिया जाएगा |

 

(7) हर बसावट तक सड़क :- मधेपुरा जिला में कुल 2979 टोला है, जिसमे अभी भी 1310 टोला को सड़क से नहीं जोड़ा गया है | इन सभी टोलों को जोड़ने हेतु 16 जून 2017 को 13 प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं 606 मुख्यमंत्री सड़क योजना तथा 96 ग्राम टोला सड़क योजना का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है, जिसकी स्वीकृति प्राप्त होती जायेगी और निर्माण कार्य होता जाएगा |

 

(8) घर तक पक्की गली नली की योजना :- कुल 2242 वार्ड में से 449 वार्ड के लिय योजना स्वीकृत है, जिसमे सम्बंधित पंचायत द्वारा कुल 280 वार्ड में राशि हस्तांतरित कर दी गयी है और इसमें से 39 योजनाओ पर कार्य आरम्भ हो चूका है| सभी 449 वार्ड में मार्च 2018 तक कार्य पूर्ण हो जाएगा और 2242 वार्ड का कार्य मार्च 2019 तक पूरा किया जाएगा |

 

(9) हर घर में गैस कनेक्शन :- मधेपुरा जिला में जुलाई 2016 में मात्र 51078 घरो में गैस कनेक्शन दिया गया था | पिछले एक वर्ष के अन्दर 1 लाख 58 हजार 709 घर में गैस का कनेक्शन पहुँचाया गया है और 50 हजार परिवारों का निबंधन हुआ है, उसे एक माह में कनेक्शन निर्गत कर दिया जाएगा| हमारा संकल्प है की मार्च 2018 तक हर घर तक गैस कनेक्शन पहुँचा दिया जाय |

 

(10)     हर प्रखंड में स्टेडियम :-

मधेपुरा जिला के 13 प्रखंड में से 7 प्रखंड में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृती प्राप्त हो गयी है, जिसमे से दो का निर्माण कार्य शुरू हो गया है | इनडोर स्टेडियम में कब्बडी, बिलियर्ड्स, कुश्ती, बैडमिंटन इत्यादि का कोर्ट लगाया जाएगा, जिसकी निविदा हो चुकी है|

16 प्वाइंट का अत्याधुनिक जीम स्टेडियम में लगा दिया गया है| एक ओपेन जीम स्टेडियम के बगल पार्क में लगाया जाएगा|  इसके अतिरिक्त खेलकूद के मद में 26 लाख रूपये का आवंटन प्राप्त हो चूका है|

 

(11)  सड़क :-

   मधेपुरा जिला के अधीन चार सड़क यथा ग्वालपाड़ा से बिहारीगंज (9कि०मी०), कुमारखंड से सिंहेश्वर (30 कि०मी०), सिंहेश्वर से शंकरपुर (18 कि०मी०) एवं चैनपुर से रानीपोखर (9 कि०मी०)| इसके अतिरिक्त शहर की छ: सड़क जिसकी स्थिती ख़राब है उसको भी पथ निर्माण विभाग के अधीन लिया गया है | उसके दोनों तरफ नाला निर्माण के साथ रोड का निर्माण 11 करोड़ 50 लाख से कराया जाएगा |

   शहर में जल जमाव की समस्या को देखते हुए कुल 17 नाला का निर्माण 21 करोड़ 62 लाख रुपया की लागत से अगले बरसात के पूर्व करा लिया जाएगा|

   3 राष्ट्रीय उच्च पथ में से 106 पर 675 करोड़ की लागत से कार्य चल रहा है | उदाकिशुनगंज से वीह्पुर तक 1170 करोड़ रूपये की योजना भारत सरकार से स्वीकृत हो चुकी है, जिसमे बिहार का सबसे बड़ा पुल 7850 मीटर सम्मिलित है |

   एन०एच० 107 सहरसा से पूर्णियां का भी इकरारनामा कुल 765 करोड़ रुपया गैमन इंडिया के साथ हो गया है| यह कार्य अक्टूबर में शुरू हो जाएगा|

   एन०एच० 107 की मरम्मति का निविदा दिनांक 17-08-2017 को प्राप्त हो जाएगा | तदोपरांत एक सप्ताह के अन्दर कार्य शुरू हो जाएगा |

 

(12)           स्वास्थ्य :- पिछले एक साल में आलमनगर, मुरलीगंज, कुमारखंड एवं  सिंहेश्वर में छ: बेड को 30 बेड कर दिया गया है | अब चौसा, पुरैनी, बिहारीगंज एवं ग्वालपाड़ा में कम्युनिटी हेल्थ सेन्टर का कार्य चल रहा है और मार्च 2018 तक इन सभी का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा और 30 बेड का शुरू हो जाएगा | अनुमंडल अस्पताल, उदाकिशुनगंज में 80 बेड का निर्माण कराया गया है, जिसमे मात्र शिफ्टिंग का कार्य बाकी है |

   मधेपुरा जिला में दो ए०एन०एम० संस्था खोला जाना है, जिसमे से उदाकिशुनगंज ए०एन०एम० का 25 प्रतिशत निर्माण कार्य हो गया है और मधेपुरा का टेंडर प्राप्त हो चूका है |

 

   जी०एन०एम०/पैरा मेडिकल :- जी०एन०एम०/पैरा मेडिकल का कार्य 50 प्रतिशत पूर्ण हो चूका है | मेडिकल कालेज का निर्माण तेजी से चल रहा है | अगले वर्ष से 100 बच्चों की पढाई का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा |

   यह भी संकल्प है की मधेपुरा जिला में कुष्ठ रोग, टी०बी० रोग एवं कालाजार से मार्च 2018 तक मुक्त किया जाय, जिसके लिय बृहद कार्रवाई चल रही है| इस जिले में कुष्ठ रोग के अधीन कुल 1934 रोगियों में से 1824 को पुर्णतः ठीक कर दिया गया है| शेष 273 का इलाज किया जा रहा है| मधेपुरा जिला मार्च 2018 तक कुष्ठ से पुर्णतः मुक्त हो जाएगा |

   उसी प्रकार टी०बी० रोग के अधीन 10758 रोगी ठीक हो गया है, अभी मात्र 534 रोगी का इलाज चल रहा है| जो अगस्त 2018 में मुक्त हो जाएगा और जिला टी०बी० मुक्त हो जाएगा |

   कालाजार में पिछले वर्ष में 250-300 मरीज आते थे, परन्तु जिले में सघन छिडकाव किया गया है और इस बर्ष मात्र 47 मरीज ही आए हैं | संपूर्ण जिले में छिरकाव का प्रस्ताव भेजा गया है ताकि अगले वर्ष यह जिला कालाजार मुक्त हो सके |

 

(13)        अन्य निर्माण कार्य :- पदाधिकारियो एवं कर्मचारियों के लिए 32 यूनिट आवास निर्माण का कार्य 10 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से दिसम्बर 2017 तक पूर्ण कर लिया जाएगा |

    12 करोड़ की लगत से पुरैनी प्रखंड परिसर का निर्माण कार्य 30 सितम्बर 2017 तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जबकि मुरलीगंज एवं उदाकिशुनगंज का निर्माण कार्य 12 करोड़ की लागत से तथा घैलाढ प्रखंड का निर्माण कार्य 9 करोड़ 26 लाख की लागत से करने हेतु निविदा प्राप्त हो गया है| ग्वालपाड़ा प्रखंड की भूमि क्रय की गयी है| बिहारीगंज के लिए क्रय की जानी है|

    मधेपुरा एवं चौसा में आई०टी०आई० का निर्माण प्राम्भ हो गया है|

    पिछले वर्ष इंजीनियरिंग की पढाई शुरू कर दी गयी है | इस वर्ष 135.75 करोड़ शेष का निर्माण कराया जाएगा|

    अल्पसंख्यक छात्र /छात्राओं के लिय 100 बेड का हॉस्पिटल टी०पी० कॉलेज एवं वाणिज्य महाविद्यालय में 822 लाख की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है|

    3 करोड़ 85 लाख की लागत से निर्माणाधीन ऑडिटोरियम एवं 3.46 करोड़ की लगत से बस स्टैंड का निर्माण कार्य 30 अक्टूबर 2017 तक पूर्ण हो जाएगा |

 

(14)           शिक्षा :- शिक्षा सेवी एवं आनेवाली पीढी के निर्माण हेतु शिक्षा में बहुत सुधार की आवश्यकता है | उच्चतर शिक्षा से लेकर प्राथमिक शिक्षा के लिए रोडमैप तैयार किया गया है और इसका कार्यान्वयन 20-08-2017 से पूरी कराइ के साथ करायी जायेगी | स्कूलों में बेंच, डेस्क उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ की अधियाचना पावर फाईनेन्स कारपोरेशन को भेजी गयी है | सभी शिक्षको को स्वतंत्रा दिवस के अवसर पर संकल्प लेना चाहिए कि वे सही अर्थ में शिक्षक के रूप में शिक्षा को समर्पित होकर कार्य करेंगे | इस जिले में कुल 331 भवनहीन विद्यालय हैं, जिसमे से कुल 75 को भूमि उपलब्ध करा दी गयी है |

 

(15)           जिले का औद्योगीकरण :- पिछले तीन वर्ष में 220 उद्योगों के लिए लोन स्वीकृत किया गया है और कुल 275 निजी उद्योग ही कार्यरत हुए हैं | भारत में सबसे बड़ा विदेशी निवेश 26 हजार करोड़ रेल फैक्ट्री के रूप में आया है और फरवरी 2018 में पहला रेल इंजन बनकर निकल भी जाएगा | इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय औद्योगिक विकास निगम का औद्योगिक ट्रेनिंग सेंटर गम्हरिया प्रखंड परिसर में खोला जा रहा है| उद्योग का प्रशिक्षण, उद्योग के समान खरीदने /बनाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि औद्योगीकरण के रूप में और अधिक विकास हो सके |